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Malti Computer Center Tikamgarh CPCT
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मशहूर कहावत है कि कलम तलवार से अधिक ताकतवर होती है। इसकी अहमियत सदियों से है। यह दर्शाता है कि कलम तलवार से अधिक बलशाली है बावजूद इसके कि तलवार की धार तेज और रण को जीतने का बल रखती है। प्राचीन काल से ही मानव जाति के इतिहास में तलवार ने अहम भूमिका निभाई है। हम सभी जानते हैंकि तलवार में बडी ताकत और वीरता के कारण रण जीतने का बल है लेकिन दूसरी तरफ एक कलम नाजुक होने के बावजूद इतिहास और मानवता को बदलने की क्षमता के साथ बहुत बलशाली है। मशहूर लेखक एडवर्ड बुलवर ने कलम तलवार से अधिक ताकतवर होती है इस सरल और गहन अर्थ के साथ अपने विचार को जोडा है। इससे पता चलता है कि दुनिया के लेखकों ने सैनिकों की तुलना में लोगों पर अधिक प्रभाव डाला है जिसमें विलियम वर्डसवर्थ व बंकिम चंद्र चटर्जी और रबींद्रनाथ टैगोर आदि कई मशहूर दुनिया के लेखकों का नाम है। कलम कई सदियों से लोगों के भीतर चिंगारी पैदा कर रही है। लिखित जानकारी ज्ञान के रूप में फैल गई जिससे लोगों के जीवनकाल को संरक्षित किया जा सका। यह कथन सही रूप में इंगित करता है कि लेखक बलशाली सेनानियों की तुलना में अधिक प्रभावशाली हैं और तलवार ऐसा प्रभाव नहीं छोड सकती जो लेखक छोड सकते हैं। लेखन लोगों को सामाजिक या देशीय बुराई के खिलाफ खडा कर सकता है। मोहनदास करमचंद्र गांधी ने अपने प्रचार और ज्ञान से नागरिकों को एकजुट किया। गांधी ने लडाई नहीं की लेकिन ज्ञान के बल और मनोरथ के साथ देश की आजादी हासिल की। समय एक राजनितिक पार्टी के लिए जीत से खुशी दे सकता है और दूसरों को हार। लेकिन एक किताब बिना किसी को लहूलुहान किए बिना किसी मानव जाति को नुकसान पहुंचाए दुनिया में खुशहाली फैला सकती है। कलम लेखकों का हथियार है जिससे वे इतिहास बना सकते हैं। कलम रचना करती है जबकि तलवार विनाशकारी है। एक कलम में विज्ञान व गणित तथा भूगोल आदि तथा कविता व भावना से संबंधित कहानियां और आंकडे लिखने की क्षमता है। कोई भी इंसान अपने जीवनकाल में किताबें पढ कर ज्ञान हासिल करके आनंद और शांति हासिल कर सकता हैं। लेखक कई भावनाए जैसे प्रेम और दया तथा नफरत और शत्रुता व सहानुभूति आदि को प्रेरित कर सकते हैं। लेखन को अहम कार्य के रूप में देखा जाता है और लेखकों को हमेशा समाज के मजबूत आधार के रूप में जाना जाता है। उनके पास उनके लेखन के जादू से दुनिया को बदलने का बल है। देशीय दरजे पर भी वाद विवाद और विचार विमर्श अलग अलग देशों के बीच कई परेशानियों को हल कर सकता है लेकिन रण देशों की आर्थिक और भौतिक ताकत को तबाह कर देता है। निजी दरजे पर भी लेखन ज्ञान को फैलाता है लेकिन लडाई नफरत को फैलाती है। राजनीतिक रण और अशांति की दुनिया में हमें तलवार की तुलना में कलम की जरुरत अधिक है। इसके पीछे सच यह है कि पुरुष तलवार या भौतिक ताकतों के भय के मुकाबले विचारों से अधिक प्रभावित हैं। यह सच है कि तलवार का बल एक विशेष समय अवधि के लिए सीमित है लेकिन कलम का प्रभाव अमर और सार्वभौमिक है। लेखक को इस बल को एकदम सावधानी के साथ उपयोग करना चाहिए। उनके लेखन से विशाल मानवों की छवि बन भी सकती है और टूट भी सकती है।
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