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गणतंत्र दिवस की महत्ता
created Yesterday, 11:37 by starone
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इसलिए भी बढ़ जाती है, की इस दिन भारत ने अपना संविधान लागू किया था। भारत का लिखित संविधान जिसे भारत की जनता ने अंगिकृत, अधिनियमित एवं आत्मार्पित किया था। भारत के संविधान की प्रस्तावना का पहला वाक्यांश “हम भारत के लोग” भारत के संविधान की शक्ति और संप्रभूता का स्त्रोत यदि कोई है तो वह है, भारत के नागरिक है। नागरिक समाज ही भारत का असली निर्माणकर्ता है। संविधान में वर्णित “हम भारत के लोग” भारत के करोडो नागरिको की सामूहिक चेतना है। भारतीय संविधान में उल्लेखित प्रस्तावना के, भारत के लोग, भारत को एक सम्पूर्ण प्रभुत्वसम्पन्न समाजवादी, पंथ निरपेक्ष लोकतंत्रतात्मक गणराज्य बनाने के लिए तथा उसके समस्त नागरिकों को सामाजिक, आर्थिक, और राजनैतिक न्याय, विचार, अभिव्यक्ति, विश्वास, धर्म और उपासना की स्वतंत्रता, प्रतिष्ठा और अवसर की समता प्राप्त करने के लिए, तथा उन सबमें व्यक्ति की गरिमा और राष्ट्र की एकता और अखंडता सुनिश्चित करने वाली बंधुता बढ़ाने के लिए दृढ संकल्प होकर अपनी इस संविधान सभा में आज तारीख 26 नवम्बर 1949 को एतत द्वारा इस संविधान को अंगिकृत, अधिनियमित, और आत्मार्पित करते है। अब जबकि भारत एक गणराज्य के रुप में अपना 77वा गणतंत्र दिवस बना रहा हो, तब यह सोचना लाजमी है की प्रस्तावना का मुख्य स्त्रोत भारत का नागरिक कहाँ खड़ा है। आयुष्मान भारत योजना के तहत जरूर गरीब वर्ग को 5 लाख रु तक के इलाज की सुविधा दी गयी है। इस योजना में सभी वर्गों को शामिल किया जाना चाहिए। इसके ईमानदार क्रियान्वयन की भी आवश्यकता है। आवास से वँचित लोगो के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत मकानों का निर्माण हुआ है किंतु अभी बहुत कुछ करना बाकी है इस योजना को जमीन पर सरलता से उतारे जाने की आवश्यकता है। देश का आम-आदमी ही वह लक्ष्य है, जिसकी बेहतरी और खुशहाली के लिए देश की संसद, कार्यपालिका, व्यवस्थापिका और न्यायपालिका कार्यरत है, किंतु देखा जाता है की संविधान में बेहद ताकतवर और मजबूत दिखाई देने वाला यह आमनागरिक व्यवस्थाजनित दोषों के कारण उन बुनियादी सुविधाओं से वँचित है जिसका उसे संविधानिक अधिकार प्राप्त है। आमआदमी को पेयजल की उपलब्धता के लिए केंद्र सरकार जल जीवन मिशन के तहत हर घर नल से जल योजना को 2024 तक अंजाम तक पहुंचना बता रही है। नल से शुद्ध जल प्रदाय की यह व्यवस्था कागजी अधिक दिखाई देती है। जब इंदौर जैसे शहर के भागीरथपूरा इलाके में जहां जहरीला पानी पिने से 25 नागरिक दम तोड़ देते हो, तब नागरिक समाज के लिए कार्यरत सिस्टम
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