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साँई कम्प्यूटर टायपिंग इंस्टीट्यूट गुलाबरा छिन्दवाड़ा (म0प्र0) संचालक:- लकी श्रीवात्री मो0नां. 9098909565
created Yesterday, 05:07 by lovelesh shrivatri
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केंद्रीय बजट पेश करते समय वित्त मंत्री सीतारमण ने सरकार के जिन तीन कर्त्तव्यों की चर्चा की उसमें वैश्विक परिस्थितियों का सामना करते हुए आर्थिक विकास को तेज व सतत बनाए रखने, जनआकांक्षाओं को पूरा करने व संसाधनो, सुविधाओं और अवसरों तक सबकी पहुंच की बात कही। इन्हीं कर्त्तव्यों को ध्यान में रखकर उन्होंने बजट पेश करने का दावा भी किया। वर्ष 2047 तक विकसित भारत के सपने को साकार करने का उद्देश्य रखते हुए ही बजट में विकास, रोजगार आत्मनिर्भरता, गरीबी कम करना और वैश्विक चुनौतियों से निपटने जैसे बिंदुओं पर जोर दिया गया है।
वित्त मंत्री ने यह बजट ऐसे दौर में पेश किया है जब टैरिफ के दबाव के साथ-साथ वैश्विक स्तर पर दूसरे कारणों से व्यापारिक उथल-पुथल का सिलसिला जारी है। ऐसे माहौल में वैश्विक व्यापार और निवेश को आकर्षित करना बड़ी चुनौती है। इसीलिए विदेशी निवेश को भारत की बदलती आर्थिक प्राथमिकताओं के साथ जोड़ने के लिए वित्त मंत्री ने कॉरपोरेट बॉन्ड बाजार को मजबूत करने की योजना बनाने की बात कही है। भारतीय इकॉनोमी की रीढ़ की हड्डी समझे जाने वाले एमएसएमइ सेक्टर के लिए विकास निधि का प्रावधान भी औद्योगिक प्रोत्साहन की दिशा में ठोस कदम कहा जा सकता है। बायोफॉर्मा शक्ति को महसूूस करते हुए बजट में बायोलॉजिक्स और बायोसिमिलर्स के घरेलू उत्पादन के लिए इको सिस्टम का निर्माण करने की बात कही गई है। टेक्नोलॉजी सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए सेमीकंडक्टर और रेयर अर्थ माइनिंग में निवेश बढ़ाने की घोषणा को भारत को वैश्विक टेक हब बनाने की दिशा में बड़ा कदम ही कहा जाएगा। उच्च-मूल्य कृषि पर बजट विेशेष जोर है। साथ ही ग्रामीण और उप-शहरी रोजगार बढ़ाने के लिए पशुपालन में उद्यमिता को प्रोत्साहित किया जाएगा। रक्षा व्यय बढ़ाकर सरकार ने यह भी संकेत दिया है कि सुरक्षा के मामले पर कोई समझौता नहीं किया जा सकता। शुगर व कैसर की दवा सस्ती करने को भी आम आदमी को राहत पहुंचाने वाला कहा जाएगा।
वित्त मंत्री ने यह बजट ऐसे दौर में पेश किया है जब टैरिफ के दबाव के साथ-साथ वैश्विक स्तर पर दूसरे कारणों से व्यापारिक उथल-पुथल का सिलसिला जारी है। ऐसे माहौल में वैश्विक व्यापार और निवेश को आकर्षित करना बड़ी चुनौती है। इसीलिए विदेशी निवेश को भारत की बदलती आर्थिक प्राथमिकताओं के साथ जोड़ने के लिए वित्त मंत्री ने कॉरपोरेट बॉन्ड बाजार को मजबूत करने की योजना बनाने की बात कही है। भारतीय इकॉनोमी की रीढ़ की हड्डी समझे जाने वाले एमएसएमइ सेक्टर के लिए विकास निधि का प्रावधान भी औद्योगिक प्रोत्साहन की दिशा में ठोस कदम कहा जा सकता है। बायोफॉर्मा शक्ति को महसूूस करते हुए बजट में बायोलॉजिक्स और बायोसिमिलर्स के घरेलू उत्पादन के लिए इको सिस्टम का निर्माण करने की बात कही गई है। टेक्नोलॉजी सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए सेमीकंडक्टर और रेयर अर्थ माइनिंग में निवेश बढ़ाने की घोषणा को भारत को वैश्विक टेक हब बनाने की दिशा में बड़ा कदम ही कहा जाएगा। उच्च-मूल्य कृषि पर बजट विेशेष जोर है। साथ ही ग्रामीण और उप-शहरी रोजगार बढ़ाने के लिए पशुपालन में उद्यमिता को प्रोत्साहित किया जाएगा। रक्षा व्यय बढ़ाकर सरकार ने यह भी संकेत दिया है कि सुरक्षा के मामले पर कोई समझौता नहीं किया जा सकता। शुगर व कैसर की दवा सस्ती करने को भी आम आदमी को राहत पहुंचाने वाला कहा जाएगा।
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