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साँई कम्प्यूटर टायपिंग इंस्टीट्यूट गुलाबरा छिन्दवाड़ा (म0प्र0) संचालक:- लकी श्रीवात्री मो0नां. 9098909565
created Yesterday, 08:59 by Jyotishrivatri
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मुझे ऐसी जगह जाना पंसद है, जहां पर पहुंचकर प्रकृति के साथ जुड़ा जा सके। इसी क्रम में मुझे बिनसर के बारे में पता चला। आपको बता दूं कि बिनसर एक गढ़वाली भाषा का शब्द है, जिसका अर्थ होता नवप्रभात यानी कि नई सुबह। फिर क्या था इस नई जगह से, एक नई सुबह देखने की इच्छा इस कदर बलवती हुई कि हम सुबह होते ही दिल्ली से अल्मोड़ा के लिए निकल पड़े। यात्रा का रोमांच इतना ज्यादा था कि चार सौ किलोमीटर का सफर कब पूरा हुआ कुछ पता ही नहीं चला। दस घंटे की लंबी ड्राइव के बाद आखिरकार हम बिनसर पहुंचे। देवदार के वृक्षों के घिरा बिनसर अल्मोड़ा से महज कुछ ही दूरी पर है। इसलिए एक विचार यह भी आया कि यहीं पर आज रात रूक जाते है, सुबह होते ही बिनसर निकल जाएंगे। ज्यादातर लोग यही करते हैं, लेकिन हमें एक दोस्त के यहां ठहराने का आमंत्रण पहले मिल चुका था। इसलिए बिनसर जाकर ही रूके। समुद्र तल से ठीक-ठाक ऊंचाई पर होने के कारण बिनसर से हिमालय की केदारनाथ, चौखंबा, नंदा देवी, पंचोली और त्रिशूल जैसी सभी चोटियां स्पष्ट रूप से दिखाई देती है और अगर बारिश शुरू हुई हो, तब तो ऐसा लगता है कि हम किसी दूसरी ही दुनिया में आ गए है। यह जगह आपको अपने तरीके से घूमने और जीने की आजादी देती है। यहां के घने और खूबसूरत जंगलों में आप बेफ्रिक होकर खो सकते है। ट्रैकिंग कर सकते हैं, कैम्पिंग कर सकते हैं, कई रातें सिर्फ आसमान में विचरते तारों को देखकर गुजार सकते है। मैंने तीन दिन तक सिर्फ यही किया। एक दिन तो पूर्वी नयार, पश्चिमी नयार और राम गंगा नदी के उद्गम को ढूंढने में लगा दिया। यह जगह पर्यटन की दृष्टि से भी काफी समृद्ध है। कहा जाता है कि पांडवों ने अपने अज्ञातवास के दौरान कुछ दिन इस जंगल में भी विताए थे और एक रात्रि में एक बहुत ही भव्य मंदिर का निर्माण किया था। जो वर्तमान मे बिनसर महादेव मंदिर के नाम से प्रचलित है। बिनसर महादेव मंदिर के अलावा इस जगह कपर गोलू देवता का भी मंदिर है, जिसे चतई मंदिर के नाम से जाना जाता है। गोलू देवता को न्याय का देवता माना जाता है और यहां अर्जी लगाई जाती है। भक्त अपनी परेशानियों को कागज पर लिखकर मंदिर में रख कर जाते हैं और मनोकामना पूरी होने पर मंदिर में घंटी बांध जाते है। आप वन्यजीव प्रेमी हैं, तो इस जगह पर और भी मजा आएगा तकरीबन पचास वर्ग किमी के दायरे में फैला बिनसर वन्यजीव अभ्यारण्य तेंदुआ, गोरा, जंगली बिल्ली, भालू, लोमड़ी, बार्किंग हिरण और कस्तूरी हिरण जैसे कई जानवरों का घर है। इस जगह पर कभी-कभी उत्तराखंड का राज्य पक्षी मोनाल भी देखने को मिल जाता है। आप बिनसर में हैं और जीरों पॉइंट नहीं गए, तो समझों कि आपकी यात्रा अधूरी है। इस जगह पर जाने के लिए काफी पैदल चलना पड़ता है और अहिस्ता-आहिस्ता ही आप खूबसूरत रास्तों और प्रकृति के बीच खो जाते हैं। फिर कुछ देर बार एक ऐसी जगह पहुंच जाते है, जहां से आपको दूर-दूर तक हरे-भरे जंगल ही जंगल नजर आते हैं।
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