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साँई कम्प्यूटर टायपिंग इंस्टीट्यूट गुलाबरा छिन्दवाड़ा म0प्र0 संचालक:- लकी श्रीवात्री मो0नां. 9098909565
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जीवन के संघर्ष और चिंताओं से परेशान होने पर वह इनको भूलना चाहता है और इनसे आजादी पाने का उपाय खोजता है इसलिए वह मनोरंजन का सहारा लेता है। मनोरंजन से थके हुए मन व दिमाग को सहारा मिलता है और नई ताजगी भी मिलती है। तब कुछ पलों के लिए इंसान थकान एवं चिंताओं को एकदम भूल जाता है। आदिम काल से इंसान को मनोरंजन की जरूरत रही है। जीवन संघर्ष से थका मानव ऐसा साधन ढूढंना चाहता है जिससे उसका तन व मन दोनों ही उमंग से भर जाए और वह नव उर्जा से भर कर कार्य में लग सके। सच तो यह है कि मनोरंजन के बिना जीवन नीरस हो जाता है। ऐसे हालातों में इंसान का मन उसके काम में नहीं लगता है और न इंसान को कार्य में वांछित सफलता ही मिलती है। ऐसे में मनोरंजन की जरूरत बढ़ जाती है। प्राचीन काल में न तो इंसान का इतना विकास हुआ था और न मनोरंजन के साधनों का। तब मानव प्रकृति और जानवरों के अधिक निकट रहता था। ऐसे में उसके मनोरंजन के साधन भी प्रकृति और पालतू जानवरों के इर्द गिर्द ही घूमा करते थे। वह तोता व मैना तथा तीतर और बैल आदि जैसे पशु व पक्षी पालता था और कई जानवरों को आपस में लड़ा कर अपना मनोरंजन किया करता था। वह शिकार करके भी मनोरंजन किया करता था। इसके अलावा लड़कर व नाटक तथा नौटंकी और सर्कस आदि के जरिए भी वह मनोरंजन करता था। इसके अलावा पर्व आदि तथा दूसरे आयोजनों के मौकों पर वह गाने बजाने तथा नचाने के जरिए आनंदित होता था। विकास एवं विज्ञान की अनोखी खोजों के कारण मनोरंजन का क्षेत्र भी अछूता न रह सका। प्राचीन काल की नौटंकी न नाच गान की दूसरी विधाओं का बढिया रूप हमारे सामने आया। नाटक के मंचन के कारण नाटकों का आकर्षण बढ गया। समय के बदलाव के साथ अब नाटक भी अपना मौलिक रूप कायम नहीं रख सके पर दर्शकों को आकर्षित करने में नाटक हमेशा सफल रहे। लोगों का बदलाव के साथ अब नाटक भी अपना मौलिक रूप कायम नहीं रख सके पर दर्शकों को आकर्षित करने में नाटक हमेशा सफल रहे। लोगों का थियेटरों में इनसे भरपूर मनोरंजन होता था। सिनेमा आधुनिक काल का सर्वाधिक प्रचलित और लोकप्रिय मनोरंजन का साधन है। यह हर आयु वर्ग के लोगों की पहली पसंद बन चुका है। साथ ही यह एक सर्वसुलभ साधन भी है। सिनेमा जगत जनता के सामने जो घटनाएं या कहानियां रखता है उनका एक जादू सा हमारे मन व दिमाग पर छा जाता है। और हम एक अलग ही दुनिया में खो जाते हैं। रेडि़यों और टेलीविजन भी वर्तमान युग में मनोरंजन के लोकप्रिय साधन है। रेडियो पर गीत व संगीत और कहानी तथा वार्ता आदि सुनकर लोग अपना मनोरंजन करते है। तो टेलीविजन से दुनिया के किसी भी कोने की घटनाएं एवं ताजे समाचार व मनोरंजन के अलावा अपना ज्ञानवर्धक भी करते हैं। तरह तरह के धारावाहिक व कार्टून तथा खेल आदि देखकर लोग अपनी दिनभर की थकान भूल जाते है। आज के युग में मोबाइल फोन भी मनोरंजन का लोकप्रिय साधन बना हुआ है। अकेले होते ही लोग इस पर गेम खेलना शुरू कर देते है। कैमरे के सफल प्रयोग से मोबाइल की दुनिया में क्रांति आ गई है। अब तो इससे फोटोग्राफी करके भी मनोरंजन किया जाने लगा है।
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