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created Saturday January 03, 11:00 by jeetoo3714


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नकदी रहित भारत की कल्पना अभी हाल ही में प्रकाश में आई है और इसका श्रेय सही मायनों में केंद्र सरकार को जाता है। अभी हाल ही में नोटों की मुद्रा के विमुद्रीकरण हुई है। शुरू में तो लोगों को पुरानी मुद्रा को नई मुद्रा से बदलने एवं अपने ही खातों से पैसे निकालने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा था। हालांकि सभी पुरानी मुद्रा के विमुद्रीकरण के बाद देश में डिजिटल के जरिये नकद लेन देन में भारी उछाल देखा गया है।मोबाइल फोन अनुप्रयोगों और भुगतान इंटर फेस यूपी आई और भीम, भारत इंटर फेस फॉर मनी एप और आधार सक्षम भुगतान प्रणाली पी एस या ई-पर्स के तहत अलग-अलग अनुप्रयोगों के जरिये नकदी रहित भारत (कैश लेस भारत) के सपने को पाने की दिशा में अपेक्षित प्रगति शुरू की गई है। देर से ही सही लेकिन इस दिशा में प्रयास शुरू करना जरूरी था। आज डिजिटल के जरिये मौद्रिक लेन-देन के प्रति लोगों की मानसिकता में एक बड़ा बदलाव आया है। लोग जान गए हैं कि डिजिटल के जरिये लेन-देन भी सुरक्षित, आसान और सुविधाजनक है और नकदी रहित भारत में काले धन या नकली मुद्रा की अब कोई गुंजाइश नहीं है। नकदी रहित या कैशलेस भारत अभी हाल ही में शुरू की गई एक ऐसी मुहिम है जिसके जरिये भारत सरकार नकदी आधारित विषयक को डिजिटल साधनों के जरिये नकदी रहित बनाने की दिशा में अग्रसर है और इस प्रकार देश की विषयक में एक बड़ा बदलाव लाने के लिए प्रयासरत है। हालांकि अगर हम भारत को वाकई में नकदी रहित बनाना चाहते हैं तो अभी हमें अलग-अलग चुनौतियों से निपटने का प्रयास करना होगा। भारत एक विशाल देश है जिसके कारण ऑनलाइन के जरिये से लेन-देन करने की सुविधा पूरे देश में नहीं है। डिजिटल तकनीकों के सहारे नकदी के प्रवाह को नियंत्रित करने के कई फायदे हैं। बिना नकद लेन-देन की वजह से लोगों को बैंकों में नकदी रखना पड़ रहा है और इस वजह से बैंकिंग प्रणाली में तरलता बढ़ गई है। साथ ही इस के जरिये कुछ हद तक काले धन के प्रवाह पर अंकुश लगा है।अब बैंकों और में भारतीय विषयक के विकास का साथ देने के लिए एवं लोगों को उधार देने के लिये अधिक पैसा है। इसके अलावा सबसे अहम लाभ यह हुआ है कि यह लोगों को सही तरीके से अपने करों का भुगतान करने के लिए प्रेरित करेगा एवं इस प्रकार सरकार के पास जनता की कुशलता के लिए बनाई गई अलग-अलग योजनाओं को चलाने के लिए अधिक पैसा होगा। यहां तक कि अधिकांश लोग तो अब कम से कम रुपए का भुगतान भी डिजिटल की सहायता से कर रहे हैं। इन सभी घटनाओं को विषयक के बेहतर विकास के लिए बढ़िया माना जा रहा है। पूरे देश में हर जगह बैंकों के काउंटरों पर अपने पुराने नोट बदलकर नए नोट पाने के लिए लोगों की कतारें लग गई। बहरहाल इस तरह से देश में एक नई क्रांति, जिसे नकदी रहित भारत या कैश लेस भारत की संज्ञा दी गई, का आगाज हो गया और इस क्रांति ने लोगों को नकदी में लेन-देन करने की अपनी मानसिकता में बदलाव लाने के लिए प्रेरित किया। इस कदम ने धीरे-धीरे लोगों की नकदी पर आश्रित रहने की आदत को कम कर दिया है और देश में नकदी रहित लेन-देन की प्रक्रिया का विकास हो चुका है।
 

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