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साँई कम्प्यूटर टायपिंग इंस्टीट्यूट गुलाबरा छिन्दवाड़ा म0प्र0 संचालक:- लकी श्रीवात्री मो0नां. 9098909565
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एक राजा के दो बेटे थे। राजा ने अपने बेटों को एक माह का समय दिया और शर्त रखी जो राज्य में अधिक सुधारात्मक कार्य एवं नवनिर्माण करवाएगा उसी को वह उत्तराधिकारी नियुक्त करेंगे। राज्य का एक महीने में ही कायाकल्प हो गया। नए-नए कुंए, तालाब बावडियों का निर्माण हो गया। जब निर्णय का समय आया तो राजा ने दोनों बेटों के साथ प्रजा के कुछ लोगों को भी बुलाया। दोनों बेटो के निर्माण कार्यो का लेखा जोखा लगा। इस लेखे-जोखे में बड़ा बेटा ही विजित दिखाई दे रहा था। राजा ने छोटे बेटे को अपना उत्तराधिकारी घोषित कर दिया। सब राजा के चेहरे को प्रश्न चिह्न दृष्टि से देख रहे थे। राजा ने कहा जब बड़े बेटे के कार्यो का बखान प्रजा ने किया तो मैंने सबके चेहरे पर एक अनजाना भय एवं मायूसी महसूस की। लोगों के मुंह से निकल ही गया कि नवनिर्माण करने के लिए इसके द्वारा कितने लोगों के खेतों को रौद डाला गया। छोटे बेटे ने भी निर्माण कार्य किया। जब मैंने उसके बारे में प्रजा से पूछा तो सबके चेहरे पर एक संतुष्टि भरी मुस्कान थी। चाहे नवनिर्माण कम किया हो लेकिन वह प्रजा को संतुष्ट रखने में कामयाब हुआ है। इसीलिए मैंने उसे ही उत्तराधिकारी नियुक्त किया है।
