eng
competition

Text Practice Mode

साँई कम्‍प्‍यूटर टायपिंग इंस्‍टीट्यूट गुलाबरा छिन्‍दवाड़ा म0प्र0 संचालक:- लकी श्रीवात्री मो0नां. 9098909565

created Mar 8th, 09:53 by lovelesh shrivatri


4


Rating

350 words
39 completed
00:00
ऑनलाइन गेकिंग की लत हर कही कहर बरपाती नजर आती है। हमारे देश में भी ऑनलाइन गेमिंग और इसकी आड़ में खेले जाने वाले जुआ ने लाखों परिवारों को तबाह कर दिया है। किसी के घर के इकलौते चिराग ने मौत को गले लगा लिया तो कहीं परिवार के मुखिया ने ऐसा घातक कदम उठाकर परिवार को बिलखता छोड़ दिया। परिवार के परिवार कर्ज के जाल में बुरी तरह से फंस गए। ऐसे कई मामले सामने आए है जिनमें कर्ज लेकर ऑनलाइन गेम खेलने वालों ने कर्ज की रकम चुकाने के लिए अपनी किडनी तक बेच डाली।  
चिंता की बात यह है कि केंद्र राज्‍य सरकारों के तमाम प्रयासों के बावजूद देशभर में अवैध तौर से चल रहे ऑनलाइन गेमिंग सेंटर खासतौर से बच्‍चों और युवा पीढ़ी को ऑनलाइन गकिंग के बहाने जुए की लत लगा रहे है। ऐसा इसलिए भी है कि अवैध प्‍लेटफार्मो पर सख्‍ती को लेकर अभी कोई कठोर कानून नहीं बन पाया है। हाल ही में डिजिटल फाउंडेशन ने अवैध ऑनलाइन गेमिंग पर लगाम लगाने के लिए गूगल और मेटा जैसे दिग्‍गज सोशल मीडिया प्‍लेटफार्म के साथ मिलकर रणनीति बनाने का सुझाव दिया है। लेकिन एक तथ्‍य ऑप्टिमाइजेशन के जरिए भारत से करोड़ो डॉलर कमा रही है। इन कंपनियों की कमाई का कम से कम एक तिहाई हिस्‍सा इन वेबसाइट के जरिए रहा है। बड़ी चिंता तो यह भी है कि केवल हमारे यहां बल्कि दुनियाभर में सेलिब्रिटीज इस तरह की गेमिंग का गलत तरीके से प्रचार भी करने में जुटी है। ऐसे में बड़ा सवाल यही है कि ये कंपनियां भारत में अवैध सट्टेबाजी, गेमिंग और जुआ फर्मो के खिलाफ कोई निर्णायक कार्रवाई कर सकेगी  
उच्‍चतम न्‍यायालय ने भी कई मामलों में ऑनलाइन गेमिंग को लेकर व्‍यक्तिगत स्‍वतंत्रता का ध्‍यान रखते हुए डिजिटल नीति या कानून बनाने की बात कही है। इसलिए केंद्र सरकार अवैध गेमिंग को लेकर कानून बनाने में जुटी है। हैरत की बात तो यह है कि धन के लालच में खेल सिने जगत की हस्तियां तक ऑनलाइन गेमिंग के प्रमोशन में जुटी है। इन पर भरोसा कर लोग इस मकड़जाल में फंसते ही जले जाते है।  
 

saving score / loading statistics ...