eng
competition

Text Practice Mode

सुबह सुद्धलेख

created Mar 6th, 23:56 by Ankit Bais


0


Rating

139 words
100 completed
00:00
परिश्रम सफलता की कुंजी है। जो व्‍यक्ति  कठिन  परिश्रम करता है, वही अपने जीवन में आगें बढ़ता है,  भाग्‍य  और संगोग केवल आलसी लोगों के बह‍ाने है, जबकि भाग्‍य और सांयोग  केवल  परिश्रमी व्‍यक्ति आपने कर्म पर ध्‍यान देते हुए कठिन परिश्रम से बनाते है वास्‍तव में भाग्‍य और परिश्रम भी मेहनती व्‍यक्ति का ही साथ  देते है। यही प्रक्रतिक नियम है।  ईतहास गवाह है। कि महान व्‍यक्तियों ने कठिन पिरश्रम से और धैार्य से कभी ना हार मानते हुए अनेकों सफलता पाई। चहें वे युद्ध में हो या या किसी अविष्‍कार में आदवासी प्रचीन काल के, या विज्ञानिक को अनेक परिश्रम अनेकों प्रयास के बाद सफलता पाई है। आज हम जिस सुख सुविधा विलासिता में जीवन जीते हुए संधानों का प्रयोग करते है, उन साधनों को बनाने में लेगे परिश्रम, धौर्य  का अनुमान लगाना भी मुश्‍किल है।

saving score / loading statistics ...