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साँई कम्प्यूटर टायपिंग इंस्टीट्यूट गुलाबरा छिन्दवाड़ा म0प्र0 संचालक:- लकी श्रीवात्री मो0नां. 9098909565
created Aug 6th, 05:41 by rajni shrivatri
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एक दुष्ट मेंढक ने एक चूहे से दोस्ती कर ली। एक दिन दोनों यात्रा पर निकल पड़े। रास्ते में उन्हें एक तालाब मिला। चूहे को पानी में जाने से डर लग रहा था लेकिन मेंढक ने कहा कि वह तालाब पार करने में चूहे की सहायता करेगा। उसने चूहे की टांगे अपनी टांगों से बांध ली और पानी में कूद पड़ा। जब मेंढक तालाब के बीच गहरे पानी में पहुंचा तो वह चूहे को पानी में नीचे खींचने लगा। चूहे ने अपने को छुड़ाने की बहुत कोशिश की और उनकी खींचतान से पानी में काफी हलचल होने लगी। हलचल देखकर तालाब के ऊपर उड़ रहे एक बाज वहां आ गया।
वह नीचे आया और चूहे को अपने पंजे में दाबकर उड़ गया। धोखेबाज मेंढक की टांगे भी उसकी टांगों के साथ बंधी थी, इसलिए वह भी चपेट में आ गया और चूहे के साथ वह भी बाज की पकड़ में आ गया।
शिक्षा- जो दूसरों को हानि पहुंचाने का प्रयास करते हैं, वे स्वयं भी अपने ही कार्यो से हानि उठाते हैं।
वह नीचे आया और चूहे को अपने पंजे में दाबकर उड़ गया। धोखेबाज मेंढक की टांगे भी उसकी टांगों के साथ बंधी थी, इसलिए वह भी चपेट में आ गया और चूहे के साथ वह भी बाज की पकड़ में आ गया।
शिक्षा- जो दूसरों को हानि पहुंचाने का प्रयास करते हैं, वे स्वयं भी अपने ही कार्यो से हानि उठाते हैं।
