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SHAHID MANSOORI, MP HIGH COURT ag3 hindi typing with zero error, khurai, sagar,m.p.

created Aug 6th, 04:14 by Ghulam Mustafa


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बंदी प्रत्‍यक्षीकरण याचिका इलाहाबाद उच्‍च न्‍यायालय के एक अधिवक्‍ता ने दायर की है जिसमें यह प्रार्थना की गई है कि उत्‍तरवादीगण एवं अधीक्षक, केन्‍द्रीय कारागार को यह आदेश जारी किया जाए कि उत्‍तरवादीगण तत्‍काल वनराकस को उच्‍च न्‍यायालय के समक्ष सशरीर एवं संदेह प्रस्‍तुत करें और साथ ही साथ न्‍यायालय उक्‍त वनराकस को काराभिरक्षा से मुक्‍त कराने का आदेश पारित करें। अतिरिक्‍त प्रार्थना यह भी की गई है कि वनराकस को पुनर्वासित किए जाने हेतु राज्‍य सरकार को परमादेश जारी किया जाए। साथ ही साथ उक्‍त वनराकस को अवैध अभिरक्षा के विरुद्ध रखने के फलस्‍वरूप विशेष अंतरिम मुआवजा भी राज्‍य सरकार से दिलाने हेतु आदेशित किया जाए। अंत में यह भी प्रार्थना की गई है कि उक्‍त वनराकस को इस अवधि में उसके द्वारा कारागार में किए गए श्रम का उचित पारिश्रमिक भी राज्‍य से दिलाया जाए और वनराकस की अवैध अभिरक्षा हेतु उत्‍तरदायी अधिकारियों के विरुद्ध उचित वैधानिक कार्यवाही की जाए। इसी संबंध में वनराकस की ओर से एक अन्‍य याचिका बंदी प्रत्‍यक्षीकरण याचिका एक अन्‍य अधिवक्‍ता ने दायर की है। ये दोनों याचिकाएं एक ही व्‍यक्ति और विषय से संबंधित होने के कारण एक साथ संबद्ध कर दी गई हैं और एक साथ ही निस्‍तारित की जा रही हैं। याचिका का तद्नुसार निपटारा करते हुए, सारे तथ्‍य इस बात के सूचक हैं कि वनराकस जिसकी दैहिक स्‍वतंत्रता का हनन हुआ, विधि द्वारा स्‍थापित प्रक्रिया के अनुसार उसे उससे वंचित नहीं किया गया, वरन् संबंधित राजकीय अधिकारियों की घनघोर लापरवाही, स्‍वेच्‍छाचारिता और कर्तव्‍यहीनता का वह शिकार हुआ। सारे के सारे तथ्‍य स्‍पष्‍टत: दर्शा रहे हैं कि वनराकस की दैहिक स्‍वतंत्रता से दशकों वंचित रखा गया और उसकी दैहिक स्‍वतंत्रता का यह वचन किसी विधि द्वारा स्‍थापित प्रक्रिया के अनुसार नहीं हुआ। पता नहीं वनराकस जीवित है अथवा नहीं और यदि उसे अपने प्राणों से भी हाथ धोना पड़ा हो, तो उसकी संभावना वर्जित नहीं की जा सकती तो फिर तो उसे संविधान द्वारा प्रदत्‍त दैहिक स्‍वतंत्रता का संरक्षण ही मिला और ही प्राण का ही संरक्षण प्राप्‍त हो सका। चूंकि यह सब कुछ राजकीय अभिरक्षा के अंतर्गत ही हुआ। चाहे वह न्‍यायिक अभिरक्षा रही हो, अथवा पुलिस की अभिरक्षा रही हो।

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