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बंसोड कम्‍प्‍यूटर टायपिंग इन्‍स्‍टीट्यूट छिन्‍दवाड़ा म0प्र0 CPCT, DCA, PGDCA, TALLY प्रवेश प्रारंभ मो.नं.

created May 17th, 03:37 by neetu bhannare


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उपसभाध्‍यक्ष जी, मैं शुरूआत में यह निवेदन कर देना चाहता हूं कि राष्‍ट्रपति पद और राष्‍ट्रपति के लिए मेरे दिल में बड़ा आदर है इसमें किसी को संदेह नहीं होना चाहिए। लेकिन जब मैंने इस भाषण को पढ़ा है तो मुझे घोर निराशा हुई है और मुझे याद आता है कि इस तरह का भाषण आज तक इस सदन में पेश नहीं किया गया। यह उम्‍मीद नहीं थी हमको कि राष्‍ट्रपति के भाषण में इस तरह की बातें कही जाएंगी। राष्‍ट्रपति के भाषण से यह उम्‍मीद की जाती है और देश चाहता है कि देश के सामने जो प्रश्‍न हैं क्‍या आनेवाले वर्षों में उनको कैसे हल किया जाएगा इसकी कुछ रूपरेखा मिलेगी इस बात का कोई संकेत इसमें नहीं है। कौन से ऐसे प्रशन हैं। आज देश का सबसे मौलिक प्रश्‍न है यहां की गरीबी मिटाने का। क्‍या सरकारी पार्टी के लोग इसको नकार सकते हैं कि यह प्रशन नहीं है। सरकारी पक्ष से जो जवाब आएगा तो वह उसमें बताएंगे। लेकिन इसमें तो कोशिश यह हुई है कि किसी तरह से गरीबी और बढ़े। यहां इसे जरिए उल्‍टी गंगा बहाई जा रही है। यह एक चीज है जो मैं पहले कहने जा रहा हूं कि इस सदन से और यहां से देश उम्‍मीद करता था कि जो पार्टी प्रमुख हैं और जिसको देश की जनता ने चुनकर भेजा है और उसने भेजा है तभी आप वहां कुछ कुछ करेगे देश की गरीबी मिटाने के लिए आप कुछ तो करिए। मैं पहला आदमी होऊंगा जो आपका साथ देगा। लेकिन आप कुछ भी नहीं कर सकते हेा। यह मैं जातना हूं कि कहां आप की ताकत है और कहां आपका कलेजा कांपता है। मैं इसकी गहराई में नहीं जाना चाहता। लेकिन में उसे जानता हूं। इस गरीबी को मिटाने के जिलए इस भाषण में कुछ नहीं है और जो बातें इसमें दी गई हैं इसमें कुल चालीस मुद्द हैं। इसमें पहला तो परिचयात्‍मक है। और अंतिम में सदस्‍यों का स्‍वागत किया गया है। बाकी 38 मुद्दे में से एक भी मुद्दा ऐसा नहीं है जिससे सरकार इस देश की गरीबी को मिटा सकती है।  

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