eng
competition

Text Practice Mode

बंसोड टायपिंग इन्‍स्‍टीट्यूट राजीवगांधी बसस्‍टेण्‍ड छिन्‍दवाड़ा मो.नं.8982805777 सीपीसीटी न्‍यूू बैंच स्‍टार्ट

created May 16th, 13:49 by Sawan Ivnati


0


Rating

250 words
10 completed
00:00
गांव में एक बुढ़ा व्‍यक्ति रहता था। वह दुनिया के सबसे बदकिस्‍मत लोगों में से एक था। सारा गॉंव उसके अजीबोगरीब हरकत से थक गया था। क्‍यूँकि वह हमेशा उदास रहता था, वह लगातार शिकायत करता था और हमेशा खराब मूड में रहता था। जितना अधिक वह जीवित रहा, उतना ही वो दुखी रहता और उसके शब्‍द उतने ही जहरीले थे। लोग उससे बचते थे, क्‍योंकि उसका दुर्भाग्‍य संक्रामक हो गया था। उससे जो भी मिलता उसका दिन अशुभ हो जाता। उसके बगल में खुश रहना अस्‍वाभाविक और अपमानजनक भी था। इतना ज्‍यादा दुखीं होने के वजह से उसने दूसरों में दुख की भावना पैदा की। लेकिन एक दिन, जब वह अस्‍सी साल के हुए, एक अविश्‍वसनीय बात हुई। ये बात लोगों में आज के तरह फैल गयी। वह बूढ़ा आदमी आज खुश था, वह किसी भी चीज की शिकायत नहीं कर रहा था, बल्कि पहली बार वो मुस्‍कुरा रहा था, और यहाँ तक कि उसका चेहरा भी तरोताजा दिखायी पड़ रहा था। यह देख कर पूरा गांव उसके घर के सामने इकट्ठा हो गया। और सभी ने बूढ़े आदमी से पूछा की तुम्‍हें क्‍या हुआ है? जवाब में बूढ़ा आदमी बोला कुछ खास नहीं। अस्‍सी साल से मैं खुशी का पीछा कर रहा हूं, और यह बेकार था, मुझे ख़ुशी कभी नहीं मिली। और फिर मैंने खुशी के बिना जीने और जीवन का आनंद लेने का फैसला किया। इसलिए मैं अब खुश हूं।  हमें ये सिख मिलती है की खुशी का पीछा मत करो। जीवन का आनंद लो।  

saving score / loading statistics ...