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सॉंई कम्‍प्‍युटर टायपिंग इंस्‍टीट्यूट गुलाबरा छिन्‍दवाड़ा म0प्र0 सीपीसीटी न्‍यू बैच प्रारंभ संचालक:- लकी श्रीवात्री मो0नं. 9098909565

created Sep 15th, 13:06 by Jyotishrivatri


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विनाशकारी भावनाएं जैसे क्रोध, भय और घृणा संपूर्ण विश्‍व में विश्‍वंसकारी शक्तियों को जन्‍म दे रही है। रोजाना इस तरक की भावनाओं की विनाशकारी शक्ति के विषय में गंभीर चेतावनियां मिल रही है। सवाल यह है कि हम इन विनाशकारी भावनाओं और शक्तियों पर काबू पाने के लिए क्‍या कर सकते है? इसमें कोई संदेह नहीं है कि ऐसी भावनाएं सदा से ही मानव परिस्थिति का अंग रही है। मानवता हजारों वर्षो से उनसे जूझती रही है, पर मेरा विश्‍वास है कि विज्ञान और धर्म के आपसी सहयोग से इनसे निपटने की दिशा में प्रगति करने के मूल्‍यवान अवसर हमारे पास है। इसको ध्‍यान में रखते हुए मैं वैज्ञानिक दलों के साथ लगातार संवाद बनाने में लगा रहता हूं। विभिन्‍न आयोजनों में क्‍वांटम भौतिकी और ब्रह्माण्‍ड विज्ञान से लेकर करूणा और विनाशकारी भावनाओं तक पर चर्चा हुई है। मैने पाया है कि ब्रह्माण्‍ड विज्ञान जैसे क्षेत्रों में जहां वैज्ञानिक खोजे अधिक गहन समझ प्रदान करती हैं, वही ऐसा लगता है कि बौद्ध व्‍याख्‍याएं भी कभी-कभी वैज्ञानिकों को अपने ही क्षेत्र को देखने का एक नया मार्ग देती है। साधारणतया विज्ञान इस वस्‍तु जगत को समझने का एक असाधारण माध्‍यम रहा है, जिसने हमारे जीवन काल में ही बहुत प्रगति की है। इसके बावजूद खोजने के लिए अभी भी बहुत कुछ है। आधुनिक विज्ञान आंतरिक अनुभवों के बारे में इतना विकसित नहीं प्रतीत होता।   

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