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सॉंई टायपिंग इंस्‍टीट्यूट गुलाबरा छिन्‍दवाड़ा म0प्र0 सीपीसीटी न्‍यू बैच प्रारंभ संचालक:- लकी श्रीवात्री मो0नं. 9098909565

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एक बार एक जंगल में, एक शेर रहता था जो बहुत बूढ़ा हो गया था। शेर के दांत और पंजे बुढापे के साथ खराब हो गए थे, और वह अब भोजन के लिए शिकार नहीं कर सकता था। एक दिन उन्‍हें एक विचार आया, और गांव में सभी को संदेश भेजा। उन्‍होंने बीमार होने का नाटक किया, और सभी को अपने पास आने और बुलाने के लिए बुलाया। अगले दिन, शेर अपनी सहानुभूति प्रदान करने के लिए शेर की गुफा में आया। लेकिन जैसे की बकरी अंदर आई, शेर ने उसे पकड़ लिया और खा लिया। अगले दिन एक हिरण गुफा में आया। लेकिन जैसे ही वह अंदर आया, शेर ने उसे पकड़ लिया और उसे भी खा गया।  
एक-एक करके, शेर उन जानवरों को खा गया जो उससे मिलने आए थे। एक दिन, चतुर लोमड़ी गुफा के बाहर आई। लोकड़ी बहुत सतर्क थी, और गुफा से सुरक्षित दूरी पर खड़ी थी। तब उन्‍होंने शेरों के स्‍वास्‍थ्‍य के बारे में विनम्रता से पूछताछ की। शेर ने जवाब दिया कि वह वास्‍तव में बहुत अच्‍छा था, और लोमड़ी को एक क्षण के लिए कदम बढ़ाने को कहा। लोमड़ी बोली मुझे ऐसा करने में खुशी होनी चाहिए जैसा पूछते है। लेकिन मैंने देखा है बहुत सारे जानवर आपकी गुफा तक जाने वाले पैरों के निशान है लेकिन किसी के बाहर आने के कोई निशान नहीं है। कृपया मुझे बताओ कि वहां सभी जानवर कैसे अपना रास्‍ता निकालते है? शेर ने महसूस किया कि वह लोमड़ी को बेवकूफ नही बना सकता है, क्‍योकि वहां बहुत बुद्धिमान है।  
लोमड़ी फिर वापस चली गई और सबको बताया कि शेर क्‍या कर रहा है। वह बच गई थी केवल इसलिए कि उसने दूसरों की गलतियों से सीखा था।
शिक्षा- हमें सिर्फ खुद के गलतियों से ही नहीं बल्कि दुसरों के गलतियों से भी सीखना चाहिये।  

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