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created Jan 13th, 10:06 by Ashu Soni


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एक बार एक छोटा लड़का था जिसका स्वभाव बहुत खराब था। उनके पिता ने उन्‍हें नाखूनों का एक बैग सौंपने का फैसला किया और कहा कि हर बार जब लड़का अपना आपा खो देता है,तो उसे बाड़ में कील ठोकनी पड़ती है। पहले दिन, लड़के ने उस बाड़ में 37 नाखून लगाए। लड़का धीरे-धीरे अगले कुछ हफ्तों में अपने स्‍वभाव को नियंत्रित करने लगा और नाखूनों की संख्या जो कि बाड़ में थी, धीरे-धीरे कम हो गई। उन्‍होंने पाया कि बाड़ में उन नाखूनों को हथौड़ा देने की तुलना में अपने स्‍वभाव को नियंत्रित करना आसान था। अंत में, वह दिन गया जब लड़का अपना आपा नहीं खोएगा। उसने अपने पिता को खबर सुनाई और पिता ने सुझाव दिया कि लड़के को अब हर दिन एक कील बाहर खींचनी चाहिए जो उसने अपने स्‍वभाव को नियंत्रण में रखा था। दिन बीतते गए और वह युवा लड़का आखिरकार अपने पिता को बताने में सक्षम हो गया कि सभी नाखून चले गए थे। पिता अपने बेटे को हाथ में लेकर उसे बाड़े तक ले गया। तुमने अच्‍छा किया, मेरे बेटे, लेकिन बाड़ के छेद को देखो। बाड़ कभी भी एक जैसी नहीं होगी। जब आप गुस्‍से में बातें कहते हैं, तो वे इस तरह से एक निशान छोड़ देते हैं। आप एक आदमी में चाकू डाल सकते हैं और इसे बाहर निकाल सकते हैं। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि आप कितनी बार कहते हैं कि मुझे खेद है, घाव अभी भी है।
 
 

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