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हिन्‍दी टाइपिंग टेस्‍ट

created Jul 26th, 13:58 by tapesh


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काल चक्र सदा अपनी चाल से बेराेेक टोक चला करता है। संसार की कोई भी शक्ति इसके सम्‍मुख जरा भी नहीं  टिक सकती कौन आता है कौन जाता है कौन-सा-आदमी क्‍या काम-करता है इन सबसे मानो-मतलब होते हुये भी कुछ मतलब नहीं है। मालूम होता है कि इस  चिन्‍ताकुल संसार में वह बिल्‍कुल चिन्‍ता रहित है उसे किसी की परवाह नहीं परन्‍तु सबको उसकी परवाह है इतना ही नहीं सारी सृष्टि सम्‍पूर्ण जन-समाज जन-संख्‍या  का जरा भी इशारे-पर नाचता है। क्‍या पता कि  वह किस समय क्‍या करता है कौन जानता था कि हमारे पूज्‍य राष्‍ट्रपति की मातेश्‍वरी एकाएक हमसे सदा के लिये विलग हो जायेंगी श्रीमती रूवरूप रानी जन्‍मभूमि की सच्‍ची पुत्री आदर्श भारत रमणी जन-साधारण की माता उन कतिपय महिलाओं में से थीं जिन्‍होंने देश के लिये नही बल्‍कि उसने अपने इकलौते पुत्र को भी भारत-माता को भेंट कर दिया  है। कैसा अपूर्व त्‍याग है हमारी माताओं और बहिनों को इनके जीवन से शिक्षा का भरण पोषण और देख भाल ही उनके जीवन का लक्ष्‍य नहीं है बल्‍कि देश की तो बात ही क्‍या है बड़े-बड़े हिन्‍दू मुसलमान लोगों ने अपने भेद-भाव भुलाकर होता ही है अथवा ऐसा होना ही चाहिये अब वह समय गया है जब हम लोगों को चाहिये कि आम तौर पर हिन्‍दू मुस्लिम आपस में हो जावें। व्‍यर्थ में लड़ने-झगड़ने कहने सुनने और धर्म के मामलों पर गरमा-गरम बात-चीत  करने तथा एक-दूसरे से जवाब-तलब करवाने में शक्तिनाश करना सर्वथा हानिकारक है हिन्‍दू महासभा मुस्लिम लीग हिन्‍दी साहित्‍य सम्‍मेलन ऐसी भारत व्‍यापी संस्‍थओं को चाहिये कि वे हिन्‍दू मुसलमान हिन्‍दी उर्दू हिन्‍दी उर्दू हिन्‍दूस्‍तानी के झमेले में पड़े स्‍वतन्‍त्रता के मैदान में एक होकर उतर आवें।

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