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शिक्षा टायपिंग इंस्‍टीट्यूट कैयर पैथालाजी छिन्‍दवाड़ा सम्‍पूर्ण सीपीसीटी की तैयारी थयोरी क्‍लास (कम्‍प्‍यूटर गणित रीजिनिंग सहित) संचालक:- जयंत भलावी मो0नं. 9300463575,7354777233

created Feb 26th, 03:27 by Mukesh Dehariya


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अध्यक्ष महोदय, मैं आपको एक बात बतलाना चाहता हूँ। और वह यह है कि उसने उसको जो एक पैसा दिया वह बहुत बड़ी बात नही हो सकती हैं और बाद में बुरी बात होती,परन्तु अब वह एवं तुम जाने कब पावोंगे उनको रहेगा। लेकर अति शीघ्र आना, नही तो इसका नतीजा क्या होगा मेने आपसे कहा था, और वैसे ही हुआ वह यह वहां जहा कही भी हो सका गया पर मार खाने सिवा कुछ और नही पाया। इससे पतीक होता हैं कि ईश्वर स्वत: कुछ  नही करता लेकिन वह तुमारे कु. हमारे द्वारा सारा काम कराता है और यदि वह चाहे तो सब कुछ अच्छा हो सकता है और छोटे-बड़े का अन्तर भी समाप्त हो सकता है वह जाने कही गया था वहॉं से मॉंति-भौति और तौर तौर के खेलोने इत्यादि अत्यन्त सस्ते दाम पर लाया। अब क्या आशा की जाए कि सब खुश होगे सामने जो लाला सहाब लंबी झडी लिये खडे हुये है उनके द्वारा कई ऐसे काम हुये थे जिनको आज छोटे सब मानते है अत पहले उनकी बात और बाद में उनके साथी की बात मानी जाती हैं सुबह उठ कर सबक याद करना चाहिए यह जीवन के लिए जरूरी हैं विद्या से सम्बध रखने वाले समाज को इस ओर सब लोगों का ध्यान खीचना चाहिए दान में रूपया गाय आदि सब देना चाहिए इसके सबक से सम्पूर्ण दान तथा धन मिलता हैं रात दिन औरत मर्द को जब कभी समय मिले तोडा बहुत जो हो सके ऐसा काम करे जिससे मालूम हो की कुछ अच्छा हो रहा हैं में कहता हूं की कहना चाहिए किताब उठाकर देखो वास्तव में पास हा सकते हो ताकत तभी नही समाप्त नही होती हैं केवल वक्त बदल जाता है अथवा एक दम से परिवर्तन जाता हैं इन चीजों को ज्यादा इकट्टा नही करना चाहिए यदि अवश्यक हो तो उनकी करो हो सके नेता से नाता जोडे नित्य की बातें सीखों, नही तो उस दिन तक नीचे गिरना नया कार्य नहीं हैं।

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