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साई टायपिंग इंस्‍टीट्यूट गुलाबरा छिन्‍दवाड़ा म0प्र0 सीपीसीटी न्‍यू बैंच प्रारंभ संचालक:- लकी श्रीवात्री मो0नं. 9098909565

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एक गरीब परिवार में एक बेटी ने जन्‍म लिया। जिसके बाद उसका बाप यह सोचकर दुखी हो गया की बेटा होता तो काम  में हाथ बटाता, इसी सोच के चलते वह शराब पीकर उदास रहने लगा, लडकी की मां अपनी बेटी से बहुत प्‍यार करती थी। पति से छुपकर बेटी की सुविधाओं का ख्‍याल रखती थी। समय गुजरता गया और बेटी दसवी कक्षा में पहुंच गई। बेटी पढ़ने में बहुत होशियार थी, लेकिन पिता नहीं चाहता था कि वह आगे पढ़े। हमेशा उसका बाप उसे ताने मारता रहता था।  
एक दिन लड़की ने अपने पापा से कहा की में पढ़ना चाहती हूं। इतना सुनते ही बाप आग वबूला हो गया और चिल्‍लाने लगा। और मां बेटी को पीटने लगा। अपने पिता का व्‍यवहार देखकर बेटी ने सोच की आगे नहीं पढ़गी, लेकिन उसकी मां ठान चुकी थी कि वह अपनी बेटी को आगे पढ़ाएंगी। जब बेटी ने अपनी मां से पूछा की आप पैसे कहा से लाओगी। तो मां ने बेटी की बात को अनसुना कर दिया।  
उस महिला ने अपनी बेटी को पढ़ाने के लिए कड़ी मेहनत की। मां की मेहनत को देखकर बेटी भी पढ़ने लगी। वहीं दूसरी तरफ शराब पीने से पिता को टीबी हो गई। जब पिता की तबीयत ज्‍यादा खराब हो गई तो उसे अस्‍पताल में भर्ती कराया गया। इलाज के बाद पिता ने आंखे खोली तो डॉक्‍टर को देखकर हैरान रह गया। क्‍योंकि वह डॉक्‍टर उसकी बेटी थी। इसके बाद वह मारे शर्म के मुंह छिपाने लगा। और अपनी बेटी से माफी मांगने लगा, लेकिन बेटी आखिर बेटी होती है। अपने पिता को राते देखकर बेटी ने उसे गले लगा लिया। जब उस लड़की ने अपनी मां से पूछा कि आप एडमिशल के लिए पैसे कहा से लेकर आई थी। तो मां ने  उसकी बात को अनसुना कर दिया, लेकिन जब सच्‍चाई पता चली तो उसकी रूपह कांप गई। क्‍योंकि उस लड़की की मां अपने शरीर का खून बेचकर पैसे लेकर आई थी। महिला की इस कुर्बानी से पता चलता है कि आखिर क्‍यों मां को भगवान से बड़ा दर्जा दिया गया है।  

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